Another Love Jihad? Harassed by Muslim in-laws, Hindu woman attempts self-immolation outside UP assembly

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‘लव जिहाद’ का एक कथित पीड़ित जिसने कल खुद को गिराने की कोशिश की, उसकी हालत गंभीर बताई गई है। महिला ने लखनऊ में उत्तर प्रदेश विधानसभा भवन के सामने खुद को जला दिया, आरोप लगाया कि उसके पति ने काम के लिए खाड़ी देश जाने के बाद अपने घर में प्रवेश से इनकार कर दिया। यह घटना हजरतगंज थाने की है। बताया जा रहा है कि महिला की हालत गंभीर है और पुलिस ने उसे सिविल अस्पताल में भर्ती कराया है।

महिला ने ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी है, जिसमें उसका शरीर काफी जल गया है। यह घटना हजरतगंज थाने की है। महिला की हालत गंभीर है और पुलिस ने उसे सिविल अस्पताल में भर्ती कराया है।

जानकारी के अनुसार, 35 वर्षीय महिला ने आरोप लगाया कि उसकी शादी महाराजगंज के रहने वाले अखिलेश तिवारी से हुई थी, जिसके बाद उसका तलाक हो गया। इसके बाद महिला ने आसिफ नाम के युवक से शादी कर ली। शादी के बाद आसिफ सऊदी अरब चला गया। बीजेपी ने आरोप लगाया है कि यह ‘लव जिहाद’ का मामला है।

आरोप है कि आसिफ का परिवार लगातार महिला को परेशान कर रहा था। प्रताड़ना से परेशान महिला ने विधानसभा के सामने ज्वलनशील पदार्थ डालकर खुद को आग लगा ली। मौके पर पहुंची पुलिस ने महिला को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया, जहां महिला की हालत गंभीर बताई जा रही है।

डीसीपी सेंट्रल सोमेन वर्मा के अनुसार, अभी प्रारंभिक जांच की जा रही है, और पूरे मामले की जांच की जा रही है। महिला महाराजगंज की है, जिसके बारे में अन्य जानकारी भी जुटाई जा रही है।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आलोक नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। वह महाराजगंज से भी आता है, लेकिन घटना के समय उसका स्थान यूपी विधानसभा भवन के पास था। आलोक पूर्व राज्यपाल सुखदेव प्रसाद का बेटा है और महिला के संपर्क में था।

महिला का पति कुछ दिनों पहले काम के लिए खाड़ी देश गया था। ससुराल वालों द्वारा उसे घर से निकालने के बाद महिला अधिकारियों के पास पहुंची। उसने अपने घर के बाहर धरना भी दिया लेकिन प्रवेश से वंचित कर दिया गया।

बाद में वह वरिष्ठ अधिकारियों और मंत्रियों से मिलने लखनऊ आईं लेकिन उनसे मुलाकात नहीं हो सकी। रवैये से खिन्न होकर उसने केरोसिन डालकर खुद को बचाने की कोशिश की।

यूपी सरकार ‘लव जिहाद’ के खिलाफ एक कानून बनाने पर विचार कर रही थी जिसका उद्देश्य बल, धोखा और गठजोड़ के माध्यम से धार्मिक रूपांतरणों को रोकना था और साथ ही ढोंग के तहत धर्मांतरण को भी कवर किया जाएगा। यह आत्मदाह की घटना तब हुई जब यूपी की योगी सरकार और पुलिस को महिलाओं से संबंधित अपराध के लिए आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। गौरतलब है कि हाथरस की घटना के बाद सरकार बैकफुट पर है।

विधानसभा भवन के सामने इस तरह का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले, एक माँ और बेटी ने इसी तरह खुद को जलाया था। इसके बाद, वे मर गए। यह माँ और बेटी अमेठी की निवासी थीं। नाली को लेकर पड़ोसी से उनका विवाद था। मामला थाने तक भी पहुंचा। लेकिन पुलिस ने मां-बेटी की याचिका पर कोई कार्रवाई नहीं की, जिसके बाद वह आला अधिकारियों से मिलने लखनऊ पहुंची। इस बीच, दोनों ने विधानसभा के सामने खुद को आग लगा ली थी। वहां मौजूद मीडियाकर्मियों ने भी दोनों को बचाने की कोशिश की थी, लेकिन बाद में दोनों की मौत हो गई।





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